रविवार, 22 जून 2008

इंसान

जिन्दगी को बार-बार 'खोज' देखो यहाँ
ये बड़ा रत्न अनमोल, 'तरास' देखो यहाँ ।
बन प्रकाश बाती, 'जल' देखो यहाँ,
जिन्दगी को एक बार 'जळा" देखो यहाँ ।।

जिन्दगी तराजू है, 'तौळ' देखो यहाँ,
ये बड़ी पहेली है, 'मोळ' देखो यहाँ ।
हर चौराहे पे खड़ा 'शैतान' देखो यहाँ,
दीप न जले तो, 'हैवान' देखो यहाँ ।।

आँसुओं के बीच 'मेहमान' देखो
माँ के दर्द में 'भगवान' देखो यहाँ ।
काँटों में भी खिलता 'फूल' देखो यहाँ,
जहर पी के भी जीता 'इंसान' देखो यहाँ ।।

4 विचार मंच:

हिन्दी लिखने के लिये नीचे दिये बॉक्स का प्रयोग करें - ई-हिन्दी साहित्य सभा

advocate rashmi saurana ने कहा…

आँसुओं के बीच 'मेहमान' देखो
माँ के दर्द में 'भगवान' देखो यहाँ ।
काँटों में भी खिलता 'फूल' देखो यहाँ,
जहर पी के भी जीता 'इंसान' देखो यहाँ ।।
bhut hi bhavnatmak tipani. sundar rachana ke liye badhai.aap apna word verification hata le taki humko tipani dene mei aasani ho.

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत उम्दा.

हिन्दी साहित्य सभा ने कहा…

Rashmi ji,
namasakaara,
aapkaa sujhaoo ke anusar words verification hata diya hai.
shambhu choudhary

महामंत्री (तस्लीम ) ने कहा…

"
आँसुओं के बीच 'मेहमान' देखो
माँ के दर्द में 'भगवान' देखो यहाँ ।
काँटों में भी खिलता 'फूल' देखो यहाँ,
जहर पी के भी जीता 'इंसान' देखो यहाँ ।।"
उपरोक्त पंक्तियाँ मन को छू गयीं, बधाई।

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