पिछले दिनों राम मनोहर लोहिया जी से नरकलोक के एक पत्रकार ने प्रश्न किया कि गुरुदेव ये विपक्षवाले बार-बार संयुक्त संसदीय जाँच समिति (JPC) की माँग क्यों कर रहे हैं? उनका जबाब ये था- सब "चोर-चोर मौसेरे भाई" हैं। दरअसल विपक्ष इस बात की जाँच करना चाहती है कि उनके हिस्से में जो रकम उन्हें मिलेगी वो सही है कि नहीं।
बुधवार, 8 दिसंबर 2010
संयुक्त संसदीय जाँच समिति (JPC)
प्रकाशक: Shambhu Choudhary Shambhu Choudhary द्वारा 7:19 pm 0 विचार मंच
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रविवार, 31 अक्टूबर 2010
संसद में लोहियाजी बोलतें हैं-२
१०० रुपये चुराने वाले को देश के कानून में सी.आर.पी.सी. की धारा लगा दी जाती है, परन्तु देश को लुटने वाले सांसदों के ऊपर इस धारा का प्रयोग नहीं किया जाता कहा जाता। धीरे से एक बोलता है जे.पी.सी.बैठा दो। क्यों भाई! एक चोर को बचाने के लिये दूसरे चोर को बैठा दिया जाय क्या?
प्रकाशक: Shambhu Choudhary Shambhu Choudhary द्वारा 10:19 pm 0 विचार मंच
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शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2010
लोहिया संसद में बोल रहें हैं- शम्भु चौधरी

इस बार देश में अजीबो-गरीब एक घटना घटी। भ्रष्टाचार व तैयारी में हो रही विलम्बता के चलते विश्व भर की मीडिया से घिरी कॉमनवेल्थ खेल आयोजक समिति को अचानक से राष्ट्र के गौरव की याद सताने लगी। कॉमनवेल्थ खेल के विदेशी सदस्यों से भारत के गौरव की भीख माँगे जाने लगी, कि कम से कम वे लोग भारत के गौरव का ध्यान रखें, जबाब में मिला भारतवासियों को एक तमाचा। जरा इन भ्रष्ट नेताओं से कोई पूछे कि जब ये संसद या विधान सभाओं के भीतर लत्तम-जूता करते हैं तब देश का गौरव किधर जाता है? जब ये देश को लूटने में लगे रहते हैं तब इनका स्वाभिमान को क्या हो जाता है? जब ये विदेशों में नन्गे होकर चुपचाप घर आते हैं तब इनका आत्मसम्मान को डंक क्यों नहीं मारता? जब ये लोग खेल को व्यवसाय बनाकर खेल की नकली नीलामी करते हैं और अपराधियों को बचाने के लिए बयानबाज़ी करते हैं तब इनके स्वाभिमान को क्या हो जाता है?
प्रकाशक: Shambhu Choudhary Shambhu Choudhary द्वारा 10:10 pm 0 विचार मंच
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