रविवार, 19 जनवरी 2014

बात पते की - दिल्ली पुलिस का अपहरण

20.01.2014 (Kolkata)
 जल्द ही रहस्य से पर्दा उठने का समय आ गया है। दिल्ली की पुलिस के नाक के नीचे विदेशी महिलाओं के द्वारा देह व्यापार, ड्रग्स का व्यापार उनके संरक्षण में चल रहा था। कहीं कोई रोक-टोक नहीं थी। कोई उनको बोलने वाला नहीं था। रोजाना आपके हमारे बैंकों के एकाउन्टस को हाईजैक कर लेना, लाटरी के नाम पर जाली एसमएस, इमेल का रेकैट फैलाने वाले का धंधा जैसे ही चौपट होने के कगार आया कि तमाम वे ताकतें, जिसमें दिल्ली की पुलिस सहित केंद्र के कई नेता और तमाम उन राजनीति ताकतों के प्यादे की मिलभगत, सबके-सब रातों-रात बैखला गये।

 दिल्ली पुलिस को  अचानक से उनको रात में सपना भी आ गया कि केजरीवाल का अपहरण तक हो सकता है। दरअसल ये अपहरण की हवा सिर्फ केजरीवाल को दिल्ली पुलिस के द्वारा ब्लैकमेल करने की साजिस है। दिल्ली का रेकैट चाहता है कि उनके फलफूल रहे धंधे में केजरीवाल व उनके मंत्री उनके धंधे में कोई दखल ना दें अन्यथा उनका अपहरण तक किया जा सकता है। 

 दिल्ली के कानून मंत्री श्री सोमनाथ भारती ने पिछली रात स्थानीय लोगों की लगातार सूचना के अनुसार दिल्ली पुलिस को घटनास्थल पर जाने का आदेश दिया, दिल्ली पुलिस उन पर कार्यवाही करने से इंकार कर दी, मंत्री को कहती है उनके पास वारंट नहीं है। दिल्ली के कानून मंत्री का यह प्रयास उनको इतना नागवार गुजरा कि वे उनके ही ऊपर ही विदेशी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप जड़ दिया ।

 सरेआम दिल्ली में सैकड़ों महिलाओं की ईज्जत को लुटते देखनेवाली दिल्ली पुलिस को कभी शर्म तक नहीं आती कि दिल्ली में इतनी घटनायें क्यों और कैसे हो जाती है जबकि देश की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दिल्ली में दिल्ली पुलिस द्वारा पूरे ताम-झाम के साथ की जाती है। 

करोंड़ों का धन सिर्फ नेताओं की चौकीदारी में ही बहा दिया जाता है। कानून-व्यवस्था के नाम पर देश की आंख में घूल झौंकनेवाली दिल्ली पुलिस क्या है बता पायेगी कि दिल्ली में जब कई बम धमाके हुए तो उनकी सूचना उनके पास क्यों नहीं थी? आज अचानक से केजरीवाल के अपहरण की बात, किस बात की तरफ संकेत देती है? - शम्भु चौधरी

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