रविवार, 17 अगस्त 2008

शम्भु चौधरी की चार झणिका- 3

1.
कन्या ने जैसे ही विज्ञान से
अपने हक की गुहार लगाई,
जन्म से पहले ही
ज्ञान ने उसकी हत्या करवाई।

2.
कन्या भ्रूण के खिलाफ
सासुओं ने नया रास्ता अपनाया
घर की बहू को,
नर्सिंगहोम में ले जा,
उसका गर्भपात करवाया।

3.
अजन्मी कन्या मांग रही थी
मां का दुलार, पिता का प्यार
समाज से सुरक्षा,
हर तरफ मिला
आश्वासन ही आश्वासन
व्यंग्यात्मक मुस्कान,
जो उसके मौत का
पैगाम सुना रही थी।
और वह उन्हीं लोगों के बीच
तड़फ-तड़फ
अपने प्राण बचाने के लिये
झटपटा रही थी।

4.
माँ की मानवता
उस वक्त दहल जाती है जब
कोख में पल रही अपनी ही
बच्ची को जहर पिलाती है।

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