गुरुवार, 2 अक्तूबर 2008

नहीं चाहिए दागी नेता, मुन्नाभाई लाओ





नेताजी ने खद्दर पहना, और लगा ली टोपी
भाषण देने बुला रहा था, उनका चमचा गोपी
उनका चमचा गोपी, कि हाथ में लाठी भी इक ले ली
कमर में बांधी गोलघड़ी, औ साथ चली एक चेली
भाषण खूब जमा नेता का, बोले बापू का है देश
सबक सिखा देंगे हम सबको, दे दो थोड़ी कैश
दे दो थोड़ी कैश कि नगद बिन काम न होगा
मर्डर, डकैती केस में हमने जेल में काफी भोगा
अब हम वचन दे रहे साधो, बापू के रस्ते जाएंगेे
नहीं करेंगे हिंसा, अब सच्चा पथ अपनाएंगे
तभी भीड़ से उठकर आगे, आया एक भोला बच्चा
बोला तुम तो दो नंबरी हो, देश खा गए कच्चा
नहीं भरोसा तुम पर हमको, तुम नहीं गांधी वादी
भीतर से हो बुलेट प्रूफ और ऊपर पहने खादी
तुम जैसे कमबख्तों से ही हो रहा देश नीलाम
जाओ जेल में पीसो चक्की, तुम हो नमक हराम
किया भरोसा तुम जैसों पे, जनता भोली भाली
कैसे सुखे सुखे थे कल, आज चेहरे पे लाली
नारायण इन गद्दारों से अब तो हमें बचाओ
नहीं चाहिए दागी नेता, मुन्नाभाई लाओ
नहीं चाहिए दागी नेता, मुन्नाभाई लाओ

Written & sent by
Sonu-Monu Dugar (18 years)
Bhubaneshwar
Selected by
Chirag-Chaman Chandalia
Kolkata

2 विचार मंच:

हिन्दी लिखने के लिये नीचे दिये बॉक्स का प्रयोग करें - ई-हिन्दी साहित्य सभा

Anil Pusadkar ने कहा…

सटीक लिखा आपने।

ई-हिन्दी साहित्य सभा ने कहा…

वाह भाई बहुत सुन्दर लिखा है।

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