रविवार, 15 दिसंबर 2013

Letter to Sonia Gandhi By Aam Adami Party

सोनिया गांधी को अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में क्या लिखा.
 दिनांकः 14/12/13
श्रीमती सोनिया गांधी जी, 
अध्यक्षा, कांग्रेस पार्टी 
नई दिल्ली
HIGHLIGHT: हम इस राजनीति में सत्ता हासिल करने नहीं आएं हैं। जनता उन समस्याओं का समाधान चाहती हैं।
श्रीमती सोनिया जी,
कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने के लिए कहा है। हमने तो कांग्रेस से समर्थन मांगा नहीं था। आम आदमी पार्टी का जन्म ही बीजेपी और कांग्रेस पार्टियों की भ्रष्ट, आपराधिक और साम्प्रदायिक राजनीति के कारण हुआ। जब देश का आम आदमी भ्रष्टाचार से कराह उठा तो इस देश के आम लोगों ने खुद अपनी पार्टी बनाई और आवाज उठाने का निश्चय किया। ऐसे में आम आदमी पार्टी और बीजेपी जैसी पार्टियों के साथ कैसे हाथ मिला सकती है?
चुंकि आपकी पार्टी ने कहा है कि आप बिना शर्त समर्थन देने के लिए तैयार हैं तो देश की जनता जानना चाहती है कि इसका क्या मतलब है? दिल्ली की जनता के कुछ ज्वलंत मुद्दे हैं जिसकी वजह से दिल्ली की जनता परेशान है। 15 वर्ष के शासनकाल में कांग्रेस की सरकार ने इन मुद्दों का समाधान करने की बजाय कई जगह तो जनता की परेशानियों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। सात वर्ष के अपने शासनकाल में भाजपा ने नगर निगम को जमकर लूटा है। ऐसे में यदि अब आप आम आदमी पार्टी की सरकार को बिना शर्त समर्थन देते हैं तो आपका इन मुद्दों पर क्या विचार होगा?
आज देश की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का एक माध्यम बन गई है। सत्ता हासिल करने के लिए चाहे कुछ भी करना पड़े। हर पार्टी किसी भी तरह सत्ता हासिल करना चाहती है। लोगों के मुद्दों से किसी को कोई लेना-देना नहीं है। हम इस राजनीति में सत्ता हासिल करने नहीं आएं हैं। हम जनता उन समस्याओं का समाधान चाहती हैं।
ऐसे कुछ मुद्दे मैं इस पत्र के साथ संलग्न कर रहा हूँ। आपसे उम्मीद करता हूँ कि आपकी पार्टी हर मुद्दों पर अपना रुख साफ करेगी। चूंकि हमारी पार्टी की बुनियाद ही सच्चाई और पारदर्शिता पर आधारित है, इसलिए यह पत्र मैं जनता के बीच रख रहा हॅँ। आपका जो भी जबाब आएगा उसे भी हम जनता के बीच रख देंगे और जनता से पूछेंगे कि आपके जबाब के मद्देनजर क्या आम आदमी पार्टी को सरकार बनानी चाहिए? और हां! कृपया हर मुद्दों पर अपना नजरिया स्पष्ट रूप से बतलाइएगा। गोलमोल करके मत कहिएगा। जैसे - ‘‘सैद्धांतिक रूप से हम साथ हैं’’ इत्यादि। आपके जबाब का इंतजार रहेगा।
अरविंद केजरीवाल

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