मंगलवार, 16 जुलाई 2013

धर्मनिरपेक्षता का बुर्का

श्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान पर कि जब कभी भी कांग्रेस पार्टी को राजनैतिक संकट का सामना करना पड़ता है तो वह धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहन लेती है। इनके कहने का तात्पर्य स्पष्ट था कि भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबी कांग्रेस पार्टी न तो मंहगाई पर काबू पा रही है, ना ही देश में विकास का कोई नया मॉडल प्रस्तुत करने में सफल रही है। इनको तो बस हर किसी के बयान में सांप्रदायिकता ही नजर आती है और खुद धर्मनिरपेक्षता का चोला पहनकर सारे महत्वपूर्ण मुद्द को गायब कर सत्ता पर किसी तरह बने रहना चाहती है। इस बयान का पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी के इन दो चेहरों ने स्वीकार किया कि उनको धर्मनिरपेक्षता का बुर्का (चोला) अच्छा लगता है।

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