सोमवार, 19 मार्च 2012

बंगाल में राज्यसभा का चुनाव


शम्भु चौधरी
कोलकाता, 21 मार्च 2012: आगामी 30 मार्च 2012 को राज्यसभा के लिए पष्चिम बंगाल से पांच सदस्यों के लिए होने वाले चुनाव में बंगाल की तीनों प्रमुख पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों घोषणा कर दी है। जिसमें राज्य की प्रमुख पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने वर्तमान में केंद्रीय रेलमंत्री मुकुल राय, बांग्ला दैनिक ‘संवाद प्रतिदिन’ के वरिष्ठ पत्रकार कुणाल घोष, उर्दू दैनिक ‘अकबर-ए-मसरिक’ के मोहम्मद नदीमूल हक और हिन्दी दैनिक संमार्ग के निदेशक विवेक गुप्ता, कांग्रेस पार्टी की तरफ से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान और माकपा की तरफ से सीटू के महासचिव तपन सेन ने नामांकन पत्र दाखिल किया है।
तृणमूल नेता व राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने बताया कि मुकुल राय, कुणाल घोष और मोहम्मद नदीम उल हक पार्टी के पहले तीन उम्मीदवार होंगे जबकि गुप्ता चौथे उम्मीदवार के रूप में स्थान लेगें।
विधानसभा के सीटों के हिसाब से तृणमूल कांग्रेस तीन उम्मीदवारों को राज्यसभा भेज सकती है जबकि चौथे उम्मीदवार के लिए उसे अन्य दलों के सहयोग की जरूरत पड़ेगी। विधानसभा में तृणमूल के 185 सदस्य जिसमें से एक सदस्य श्री अजित भुइयां का निधन हो चुका है। वाममोर्चा के 61 सदस्य और कांग्रेस के कुल 42 सदस्य हैं। इन आंकड़ों से यह साफ चिन्हीत होता है एक सीट के लिए सौदेबाजी निश्चित तौर पर किसी एक उम्मीदवार को करनी ही होगी। चुनाव में एक उम्मीदवार को जितने के लिए 49 मतों की जरूरत होगी। कांग्रेस पार्टी ने भी राज्य में ममता के साथ बिगड़ते रिश्ते को हवा देते हुए अपने 42 सदस्यों के बल पर अब्दुल मन्नान का नामांकन भरवा दिया है। निश्चित तौर पर तृणमूल पार्टी का समर्थन इस दल को नहीं मिलना तय है। इस स्थिति में कांग्रेस पार्टी को माकपा के सहयोगी दलों का समर्थन मिलना तय है। सूत्रों के हवाले से यह भी पता चला कि तृणमूल पार्टी के कुछ विधायक पार्टी लाइन से बहार जाकर भी अपना मतदान कर सकते हैं।
वर्तमान राजनीति परिदृश्य में 5 सीटों में से 3 पर तृणमूल व 1 सीट पर माकपा की जीत तय है। पांचवां उम्मीदवार कौन होगा? जिसमें तृणमूल के चौथे श्रेणी के हिन्दीभासी उम्मीदवार हिन्दी दैनिक संमार्ग के निदेशक विवेक गुप्ता उम्मीद लगाए हुए हैं। राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल नेत्री ममता बनर्जी कहती है कि उनके चारों प्रत्याशी जीत हासिल करेगें तो सवाल यह उठता है कि श्री विवेक गुप्ता को चौथे श्रेणी में क्यों रखा गया?
संख्या बल के अनुसार इस बार वाममोर्चा का एक ही उम्मीदवार पहुंचेगा। इसके बाद भी बाम दलों के पास 12 अतिरिक्त वोट बचेगें। जबकि कांग्रेस को 7 वोट की जरूरत होगी। ऐसे में गणित के आंकड़े किस करवट लेगा अभी कह पाना संभव नहीं हैं।
राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल नेत्री ममता बनर्जी हिन्दीभासियों का सम्मान करते हुए एक सीट पर हिन्दी दैनिक संमार्ग के निदेशक विवेक गुप्ता को मनोनीत किया गया है।
ताजा समाचारः
कांग्रेस पार्टी के प्रत्यासी वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने अपना नामांकन वापिस ले लिया है। इस प्रकार शेष सभी पांचो उम्मीदवारों का चयन निर्विरोध हो गया। सभी को बधाई।

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