शनिवार, 20 अप्रैल 2019

भारत में महाभारत - 9

न्यायपालिका खतरे में - CJI  जस्टिस गोगोई
‘‘मैंने आज अदालत में बैठने का असामान्य और असाधारण कदम उठाया है क्योंकि चीजें बहुत आगे बढ़ चुकी हैं।  कुछ शक्तिशाली लोग सीजेआई के ऑफ़िस को निष्क्रिय करना चाहते हैं।  लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिये इस तरह का आरोप लगाया है। सीजेआई ने कहा कि मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करूंगा।  जिन्होंने मुझपर आरोप लगाए हैं, वे जेल में थे और अब बाहर हैं। इसके पीछे कोई एक शख़्स नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है।" - CJI  जस्टिस गोगोई
         एक अपराधी महिला को जेल में इस प्रकार तैयार किया कि वह देश के उच्चतम अदालत के मुख्य जस्टिस रंजन गोगोई को ही  यौन शोषण के मामले में सीधे टारगेट कर दिया । मोदी जी इस बात को अब भली भांति जान चुके है कि अदालत के सामने झूठे दस्तावेज़ रख कर  राफेल के मामले में वे अब बुरी तरह से फँस चुके हैं । जिसे पिछली सुनवाई में  अटॉर्नी जनरल के.के वेणुगोपाल उसी दिन खुली अदालत में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को  धमकी भी दे  चुके थे कि वे  राफेल मामले में अपने पहले के फैसले की समीक्षा कर के सही नहीं कर रहे हैं । 
           मोदी जी यह बात अच्छी तरह जानते है कि यौन शोषण का एक ऐसा कमजोर हथियार है।  जिसका प्रयोग कर किसी भी व्यक्ति को तत्काल बदनाम किया जा सकता है और महिला को कुछ नहीं होगा क्योंकि उसके नाम को लेना भी अपराध है। मोदी ने कई जगह अपने राजनीति फायदे के लिए इसका प्रयोग किया भी है हार्दिक पटेल की फर्जी सेक्स सीडी आप सभी को याद होगा ही। मोदी किसी को भी इस हथियार से बदनाम करने में उन्हें महारत प्राप्त है।  यौन शोषण का ताजा आरोप  अपने रास्ते के काँटे को हटाने के लिए ही किया है यह एक प्रमाणित तथ्य है। मोदी के सत्ता में आने के बाद  इस नये हथियार को प्रयोग धड़ल्ले  किया जाने लगा है।  जिस दिन रंजन गोगोई  ने केन्द्र सरकार को यह आदेश दिया कि वे राफेल से जुड़े वे तमाम दस्तावेज़ ना सिर्फ कोर्ट में जमा करे, साथ ही साथ उन तीनों वादियों को भी उसकी प्रति दी जाए तब से मोदी सरकार बेचेन थी कि किस प्रकार सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को रास्ते से हटा दिया जाय । क्योंकि अभी संसद का गठन होने मे एक माह वक्त लगेगा और किसकी सरकार आयेगी यह किसी को पता नहीं । मोदी की लहर 2014 जैसी नहीं हैं यह सब  बात (राफेल)मोदी के लिये चिंता का विषय बन चुकी थी। 
        
      पिछली सुनवाई के बाद एक माह तक सुप्रीम कोर्ट में इस बात पर विचार करती रही कि वे क्या फैसला ले? क्या चोरी के दस्तावेज़ पर सुनावई करे कि नहीं? जिस दिन यह निर्णय आया उसी दिन गोगोई जी को यह सोच लेना चाहिये था कि अब उनके साथ भी कुछ गलत होने वाला है जो जस्टिस लोया के साथ हुआ था। खैर अभी मामला यौन शोषण तक ही आकर अटक गया पर आगे भी कुछ भी हो सकता है। क्योंकि भाजपा का एक वर्ग राम मंदिर के मामले में भी रंजन गोगोई के ऊपर तरह-तरह के आरोप खुल कर मीडिया के सामने लगा चुकी है। 
          यहां यह  बात लिखने  में आज मैं जरा भी संकोच नहीं करुंगा कि  सुप्रीम कोर्ट के जजों को लोकतंत्र की रक्षा के लिये एकजूटता दिखानी चाहिये। और किसी भी हालात में राफेल की सुनवाई जल्द से जल्द  कर दूध का दूध और पानी का पानी कर देना चाहिये भले ही इसके लिये कोई भी कीमत क्यों ना चुकानी पड़े।
       
        मोदी जी आगामी लोकसभा चुनाव जीतने में राफेल सौदे की सुनवाई को अपना सबसे बड़ा रोड़ा मान रहें है कि कहीं अगली सुनवाई में कोई बात उनके खिलाफ जगजाहिर हो गई तो पूरा देश उन्हें मारने दौड़ेगा । वैसे भी फ्रांस में अनिल अंबानी को टैक्स में जो राहत राफेल सौदे के बाद दी गई जैसा कि ‘‘ला मोंडे’’ में छपा है। इस अपराध को भी राफेल सौदे की एक कड़ी के रूप में  देखा जा रहा है । इस खतरे को भी मेादी जी पहले से ही भाँप चुके है।
          आज की ताजा घटनाक्रम इसी अपराघ की एक कड़ी है जो सीधे मोदी से जोड़कर देखी जा  रही है।  यौन शोषण के आरोप से घिरे सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने ऊपर लगे  यौन शोषण के आरोप को खारिज करते हुइ कहा कि ‘‘ मुझे नहीं लगता कि इन आरोपों का खंडन करने के लिए मुझे इतना नीचे उतरना चाहिए । सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि न्यायपालिका खतरे में है। अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होनी है, इसलिये जानबूझकर ऐसे आरोप लगाए गए। 
          रंजन गोगोई ने कहा कि न्यायपालिका को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता है। ‘‘मैंने आज अदालत में बैठने का असामान्य और असाधारण कदम उठाया है क्योंकि चीजें बहुत आगे बढ़ चुकी हैं।  कुछ शक्तिशाली लोग सीजेआई के ऑफ़िस को निष्क्रिय करना चाहते हैं।  लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिये इस तरह का आरोप लगाया है। सीजेआई ने कहा कि मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करूंगा।  जिन्होंने मुझपर आरोप लगाए हैं, वे जेल में थे और अब बाहर हैं। इसके पीछे कोई एक शख़्स नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है।"
लेखक स्वतंत्र पत्रकार और विधिज्ञाता हैं।  - शंभु चौधरी

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